नयाँ दिल्ली, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के लिए 8,500 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है । नेशनल रजिस्टर ऑफ इंडियन सिटीजन (NRIC) तैयार करने की दिशा में सरकार का यह दूसरा बड़ा कदम है । इसके द्वारा ‘अवैध प्रवासियों’ और ‘संदिग्ध नागरिकों’ की पहचान भी की जाएगी ।
देशभर में अभी नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 (CAA) और एनआरसी का विरोध हो रहा है, क्योंकि इसमें बाहर से आए मुस्लिमों को नागरिकता नहीं देने की बात कही गई है, लेकिन एनपीआर में ‘संदिग्ध नागरिकता’ की पहचान की बात कही गई है।
‘संदिग्ध नागरिकता’ का प्रावधान सिटीजनशिप रूल्स, 2003 (रजिस्ट्रेशन ऑफ सिटीजन्स ऐंड इश्यू ऑफ नेशनल आइडेंडिटी कार्ड्स) में दिया गया है, जिसके तहत ही NPR तैयार किया जा रहा है।
NRIC असल में NRC ही है, बस अंतर यह होगा कि इसमें असम को शामिल नहीं किया जाएगा, जहां पहले ही एनआरसी लागू हो चुका है. देशभर में NRIC लागू करने से पहले एनपीआर तैयार किया जाएगा, जिसकी बाद में जांच और पुष्टि की जाएगी. इसमें न केवल ‘सामान्य निवासियों’ की सूची तैयार की जाएगी बल्कि ‘अवैध प्रवासियों’ और ‘संदिग्ध नागरिकों’ की पहचान भी की जाएगी।









































