हमारे प्रवासी मजदूर, विद्यार्थी और अन्य प्रवासी लोग जो भिन्न कारणों से अलग-अलग राज्यों में फँसे हैं वे हमारे लोग अपने गृहराज्य में वापस लौट रहे हैं । काफी कड़ी मेहनत और परिश्रम से हमारे ये लोग घर वापस पहुँच रहे हैं। वे भी हमारे परिवार का हिस्सा हैं। हालांकि संकट के इस समय में हमें Social Distancing और नियमों का पालन कड़ाई से करना ही है साथ ही ये भी ध्यान रखना है कि अनजाने में हम हमारे अपने लोगों का Social Boycott न करने लगें।
“सुरक्षा और अनुशासन” इस लड़ाई में हमारे हथियार है। इसलिए अपने हथियार हमेशा अपने साथ रखते हुए और साथ ही समाज को भी एक रखते हुए हमें लड़ना है और जीतना है।
जो भी मेरे श्रमिक भाई, विद्यार्थी बंधु और अन्य लोग जो वापस लौट कर अपने घर को आ रहे हैं। वे भी ये ध्यान रखें कि उनका भी यह दायित्व है कि वे भी सरकार द्वारा बताए सारे नियमों करें और खुद सुरक्षित रहकर जहाँ जा रहे हैं वहाँ के लोगों की सुरक्षा को भी उतना ही महत्व दें।
यदि सरकार ने आपको Institutional Quarantine रहने को कहा है तो उसका पूरी कड़ाई से पालन कीजिए। यदि Home Quarantine का निर्देश दिया है तो Home Quarantine के नियमों का निस्वार्थ भाव से पालन करें। आप सब के बीच मैं भी सरकार दिए गए Home Quarantine के निर्देश का पूरी कड़ाई से पालन कर रहा हूँ। क्योंकि इस बिमारी से लड़ना केवल सरकार का ही दायित्व नहीं इसमें हमारी भी उतनी ही भागीदारी होनी चाहिए जितने चुने हुए सरकार की होती हैं। क्योंकि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त उस देश के जिम्मेदार और समझदार नागरिक होते हैं, जो संकट की परिस्थिति में अपने विवेक का परिचय देकर अपने और अपने समाज के हित के लिए जीते हैं।
क्योंकि हम सुरक्षित तो हमारा परिवार सुरक्षित और हमारा परिवार सुरक्षित तो हमारा समाज सुरक्षित !!
Raju Bista
Member of Parliament, Darjeeling









































